Jyotiraditya scindia समर्थक Girraj dandotiya को भारी पड़ा गांव में घुसना. ग्रामीणों ने चुनाव प्रचार करने से ऐसे रोका

ज्योतिरादित्य सिंधिया के साथ कांग्रेस छोड़ बीजेपी में शामिल होने वालों में गिर्राज दंडोतिया भी हैं. जो दिमनी से टिकट के हकदार हैं. सिंधिया की वफादारी का फल राज्य मंत्री के रूप में मिल ही गया है. बस चुनाव लड़कर जीतना है फिर चार साल तक सत्ताधारी दल का हिस्सा बने रहेंगे. पर क्या ये जीत वाकई इतनी आसान हैं. दंडोतिया कमलनाथ के ऐसे समर्थक माने जाते हैं. जिन्होंने सिंधिया में गहरी आस्था रखी तो सिंधिया ने भी उन्हें अपना पूरा विश्वासपात्र बनाया. सिंधिया के सबसे चहेते नेता माने जाते हैं. गिर्राज दंडोतिया. पर अब दंडोतिया को सिंधिया का सबसे खासमखास होने की सजा भुगतनी पड़ रही है. हालात ये हैं कि अब गिर्राज दंडोतिया का अपनी ही विधानसभा सीट पर प्रचार के लिए जाना मुश्किल हो रहा है. हाल ही में दंडोतिया अपने क्षेत्र के गांव में चुनाव प्रचार के लिए जाने वाले थे. पर गांव में एंट्री हो पाती उससे पहले ही बीच रास्ते में उनका विरोध शुरू हो गया. नारेबाजी कर रहे लोगों ने उन पर 35 करोड़ में बिकने के आरोप लगाए.
इस नारेबाजी और प्रदर्शन को कांग्रेस ने ट्वीट किया है. साथ में लिखा है कि शिवराज की सत्ता हवस पूरी करने के सहयोगी, बैंगलोर रिटर्न और गैर विधायक मंत्री गिर्राज दंडोतिया को ग्रामीणों ने 35 करोड़ याद दिलाकर गांव से खदेड़ दिया. लोकतंत्र के हत्यारों ने मप्र बेच दिया गद्दारों में.

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