टिकट कटने के बाद Choudhary Rakesh singh की खामोशी में छुपा है बड़ा राज!

चौधरी राकेश सिंह को इस उपचुनाव में टिकट मिलने की पूरी उम्मीद थी. कहा जा रहा था कि चौधरी राकेश सिंह कांग्रेस के टिकट से मेहगांव सीट से चुनाव लड़ेंगे. लेकिन कांग्रेस के कुछ दिग्गज नेताओं के विरोध के चलते चौधरी को टिकट नहीं मिल सका. इस विरोध में प्रत्यक्ष रूप से तो अजय सिंह नजर आए पर नेपथ्य में दिग्विजय सिंह का सुर भी उन्हीं के सुर से मिल रहा है ऐसी खबरें रहीं. खैर अब कांग्रेस चौधरी राकेश सिंह की जगह हेमंत कटारे को टिकट दे चुकी है. जो पहले अटेर से विधायक रह चुके हैं. इस बार अरविंद भदौरिया के हाथों हारे तो कांग्रेस ने मेहगांव का जिम्मा सौंप दिया है. पर कटारे के लिए यहां से चुनाव जीतना बहुत आसान नहीं है. पहली वजह ये है कि कटारे को चुनाव प्रचार के लिए बहुत कम वक्त मिला है. जबकि बीजेपी प्रत्याशी ओपीएस भदौरिया लंबे समय से एक्टिव हैं. और मंत्री भी बनाए जा चुके हैं. दूसरी बात ये है कि चौधरी अब यहां खार खाए बैठे हैं. भिंड जिले के कद्दावर नेताओं में से एक चौधरी के बारे में अटकलें हैं कि वो अब अंदर ही अंदर कांग्रेस प्रत्याशी हेमंत कटारे को कमजोर करने के लिए काम कर रहे हैं. यानि खुलकर बगावत तो नहीं की न ही अपने तेज तर्रार तेवर दिखाकर चौधरी ने कांग्रेस का टेंशन बढ़ाया. पर उनकी खामोशी को उनकी हार मान लेना भी सही नहीं होगा. कहा जा रहा है कि चौधरी की खामोशी के पीछे बड़ा तूफान छुपा है. जिसका खामियाजा कांग्रेस को मेहगांव सीट गंवाकर भुगतना होगा.

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