Jyotiraditya Scindia समर्थक दो मंत्रियों को देना होगा इस्तीफा. मुश्किल होगी कैबिनेट में वापसी

चुनाव आयोग की प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद बिहार चुनाव की डेट्स तो क्लियर हो गईं. लेकिन मध्यप्रदेश में उपचुनाव की तारीखों पर अब भी सस्पेंस बरकरार है. जिसके चलते ज्योतिरादित्य सिंधिया के दो समर्थकों पर फिर शिवराज कैबिनेट से इस्तीफे की तलवार लटकने लगी है. ये सिंधिया समर्थक हैं तुलसीराम सिलावट और गोविंद सिंह राजपूत. जो शिवराज कैबिनेट का उस वक्त हिस्सा बने थे जब सिर्फ पांच मंत्रियों के नामों का ऐलान हुआ था. सुप्रीम कोर्ट का नियम कहता है कि कोई व्यक्ति अगर बिना चुनाव जीते मंत्री बनता है तो उसे छह माह के अंदर चुनाव लड़ना होगा और जीतना भी होगा. उसी के बाद वो मंत्रीपद पर काबिज रह सकता है. इस गाइडलाइन के मुताबिक तुलसी सिलावट और गोविंद सिंह राजपूत के छह माह का कार्यकाल बतौर मंत्री 21 अक्टूबर को पूरा हो जाएगा. वैसे दोनों उससे पहले इस्तीफा देकर दोबारा मंत्री बन सकते हैं. पर मुश्किल ये है कि 21 अक्टूबर से पहले ही प्रदेश में आचारसंहिता लागू हो जाएगी. ऐसे में दोनों का पद तो जाएगा ही दोबारा मंत्रीपद की शपथ भी नहीं ले सकेंगे. इसलिए ये तय माना जा रहा है कि सिलावट और राजपूत दोनों के हाथ से मंत्रीपद निकलना तय है. इसके बाद वो इस पद के हकदार तब ही होंगे जब चुनाव लड़ भी लें और जीत भी जाएं.

(Visited 275 times, 1 visits today)

You might be interested in