30 साल बाद इंदौर को मिलेगा एक नया सांसद

30 सालों के बाद इंदौर लोकसभा सीट से कोई नया व्यक्ति सांसद बन सकता है। बीजेपी की ओर से पिछले 30 सालों में 8 लोकसभा चुनाव जीत चुकीं सुमित्रा महाजन ने इस बार चुनाव लड़ने से मना कर दिया है। हालांकि बीजेपी ने अभी तक उम्मीदवार की घोषणा नहीं की है लेकिन कांग्रेस ने कई चुनाव हार चुके पंकज संघवी पर भरोसा जताया है। पंकज संघवी विधानसभा, लोकसभा और महापौर का चुनाव हार चुके हैं। बीजेपी की ओर से कई नाम सामने आ रहे हैं लेकिन अभी तक पार्टी किसी एक नाम पर निर्णय नहीं कर पाई है। पहले महासचिव कैलाश विजयवर्गीय के चुनाव लड़ने की अटकलें थीं लेकिन आखिरकार उन्होंने भी इनकार कर दिया। माना जा रहा है कि ताई सुमित्रा महाजन अपने बेटे मंदार महाजन को टिकट दिलाने के लिए कोशिश कर रही हैं। वहीं पूर्व महापौर उमा शशि शर्मा का नाम भी सामने आ रहा है। इसके अलावा महापौर मालिनी गौड़, कृष्णमुरारी मोघे, रमेश मैंदोला, गोपीकृष्ण नेमा, अर्चना चिटनीस, शंकर लालवानी, ऊषा ठाकुर, गोविंद मालू जैसे दावेदार भी सामने आए। यही नहीं खुद नरेंद्र मोदी और शिवराज सिंह चौहान के भी इंदौर लोकसभा सीट से चुनाव लड़ने की बात भी फैली। फिलहाल इंदौर लोकसभा सीट से जो भी उम्मीदवार जीतेगा वह इस लोकसभा क्षेत्र का नया सांसद ही होगा। अब वोटरों को इंतजार है कि कब बीजेपी अपना उम्मीदवार घोषित करती है ताकि उनके सामने चुनने के लिए विकल्प मौजूद हो।

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