हैदराबाद पुलिस का कारनामा आज पूरे देश में गूंज रहा है. जो देश एक दिन पहले तक रेप के आरोपियों-दोषियों के लिए सरेआम फांसी या लिंचिंग की मांग कर रहा था. उस देश की जनता को जब सुबह सुबह ये सुनने को मिला कि गैंगरेप के आरोपी एनकाउंटर में मारे गए. तब जैसे हर शख्स जो इस तरह की खबरें सुन सुनकर डर था उसने राहत की सांस ली. राहत इसलिए कि चलो किसीभी तरह दरिंदों को एक सबक तो मिला. शायद ये मामला पूरे देश में एक नजीर ही बन जाए. प्रियंका रेड्डी के गैंगरेप और मर्डर के आरोपियों को एक हफ्ते में ही सजा मिल गई. वही सजा जो लोग इस तरह के मामलों में मांगते आए हैं. वर्ना तो निर्भया सात साल से इस इंसाफ के लिए तरस रही है. खैर हम आपको उस हीरो से मिलवाते हैं. जो इस ऑपरेशन का प्रमुख बना. इन चार आरोपियों को मौत के अंजाम तक पहुंचाने वाले हैं आईपीएस वीसी सज्जनार. जो उस टीम के कप्तान थे जो आरोपियों को सीन रीक्रिएट करने ले जा रही थी. औरजैसे ही आरोपियों ने भागने की कोशिश की उनका सफल एनकाउंटर कर दिया गया. पर आपको बता दें कि सज्जनार का ये पहला एनकाउंटर नहीं है. साल 2008 में भी सज्जनार एनकाउंटर कर चुके हैं. उस वक्त वो वारंगल के एसपी थे. वहीं के काकातिया इंस्टिट्यूट में दो लड़कियों पर एसिड अटैक हुआ. उस वक्त एसिड अटैक करने वाले दो आरोपियों का एनकाउंटर करने वाले भी सज्जनार ही थे.