जब जब ऐसा लगा कि ज्योतिरादित्य सिंधिया मध्यप्रदेश पीसीसी चीफ के पद के बेहद करीब हैं. तब तब सिंधिया इस जिम्मेदारी से दूर हो गए. सिंधिया और पार्टी आलाकमान सोनिया गांधी की मुलाकात की खबरों से ये तय माना जा रहा था कि सिंधिया अपना नाम तय कराकर ही लौटेंगे. लेकिन न बैठक हुई न ऐसा कोई ऐलान. जिसने उठा दिए हैं कई सवाल. पहला सवाल तो यही है कि सोनिया ने सिंधिया के साथ मुलाकात क्यों टाल दी. वैसे भी सोनिया सिंधिया से नाराज बताई जा रही हैं. वजह है प्रदेश में चल रहा सिंधिया समर्थकों का सियासी बवाल. दूसरा सवाल ये है कि क्या सिंधिया राहुल गांधी के करीबी होने की सजा भुगत रहे हैं. क्योंकि, सोनिया गांधी ने जिम्मेदारी संभालते ही राहुल के करीबियों को पद से हटाना शुरू कर दिया है. तो क्या इसलिए सिंधिया एक बार फिर इस पद को गंवा बैठे हैं. क्योंकि ये बात भी किसी से छिपी नहीं है कि कमलनाथ गांधी परिवार की पहली पीढ़ी से ही उनके करीबी हैं. तो क्या ये मान लिया जाए कि राहुल गांधी एक बार फिर अपने किसी करीबी नेता को तवज्जो दिलाने में नाकाम रहने वाले हैं.