कांग्रेस महासचिव और भोपाल लोकसभा उम्मीदवार दिग्विजय सिंह को अक्सर दिग्गी राजा के नाम से भी जाना जाता है। बल्कि कहा जाए कि उन्हें दिग्विजय सिंह कम और दिग्गी राजा ज्यादा कहा जाता है। लेकिन दिग्विजय सिंह को दिग्गी राजा का नाम आखिर दिया किसने। कैसे पड़ा उनका ये नाम? क्या ये उनके बचपन का नाम है,क्या उनके माता पिता उन्हें प्यार से दिग्गी राजा कहते थे या फिर उनके स्कूल कॉलेज के दोस्तों ने उनका नाम दिग्गी राजा रखा या फिर राजनीति में आने के बाद उनके समर्थकों ने उन्हें दिग्गी राजा कहना शुरू कर दिया। आखिर क्या है दिग्विजय सिंह के दिग्गी राजा नाम के पीछे की कहानी। आइए हम बताते हैं- दिग्विजय सिंह के दिग्गी राजा नाम के पीछे एक घटना जो सियासी हलकों में बताई जाती है उसके मुताबिक जब राजीव गांधी प्रधानमंत्री थे और दिग्विजय सिंह सांसद थे तब दिल्ली में एक रात राजीव ने कुछ वरिष्ठ संपादकों को डिनर पर इन्वाइट किया था। इस दौरान कांग्रेस के युवा सांसद भी मौजूद थे जिनमें दिग्विजय सिंह भी शामिल थे। डिनर के दौरान ब्लिट्ज पत्रिका के संपादक रूसी करंजिया को दिग्विजय सिंह का नाम लेने में काफी दिक्कत हो रही थी। उनसे दिग्विजय सिंह बोलते नहीं बन रहा था तो उन्होंने उनका नाम शॉर्ट करके दिग्गी राजा कर दिया और कहा जाता है कि तभी से ये नाम मीडिया में भी फेमस हो गया। हालांकि खुद दिग्विजय सिंह इस नाम के पीछे कुछ और कारण बताते हैं। दिग्विजय सिंह का कहना है कि मध्यप्रदेश के प्रसिद्ध कवि दादा बालकवि बैरागी ने उन्हें यह नाम दिया था। बालकवि बैरागी वरिष्ठ कांग्रेसी नेता रहे हैं और दिग्विजय सिंह का कहना है कि उन्होंने उनसे काफी कुछ सीखा है और जब भी कोई उन्हें दिग्गी राजा के नाम से पुकारता है तो उन्हें दादा बालकवि बैरागी की याद आ जाती है। तो जब खुद दिग्विजय सिंह कह रहे हैं कि बालकवि बैरागी ने उन्हें दिग्गी राजा का नाम दिया था तो हम भी यही सच मानेंगे।