सुना है कि MP में हाल ही में इनकम टैक्स के छापों के बाद निर्दलीय विधायकों की धड़कनें बढ़ी हुई हैं। दरअसल प्रदेश की अल्पमत वाली कमलनाथ सरकार को निर्दलीय विधायकों ने अपने समर्थन से सत्ता पर बैठाया था और जानकारी के मुताबिक इस समर्थन के लिए इन विधायकों को मंत्री भी नहीं बनाया गया बल्कि किसी और तरीके से ओब्लाइज किया गया। इनकम टैक्स के छापे के बाद कमलनाथ के करीबियों से जो दस्तावेज जप्त किए गए हैं उनसे रोज नई नई जानकारी निकल कर सामने आ रही है। निर्दलीय विधायकों को धड़का लगा हुआ है कि कहीं किसी डायरी में उनका नाम लिखा मिल गया तो आयकर विभाग, एनफोर्समेंट डिपार्टमेंट और सीबीआई जैसी एजेंसियों की नजर कहीं उन पर न पड़ जाए। जो कुछ नाम दाम इतने दिनों में कमाया है वो इनकम टैक्स वाले न ले जाएं। बस साहब इसी चिंता में ये निर्दलीय विधायक रातों को सो भी नहीं पा रहे हैं। दिन रात अखबारों और मीडिया पर निगाहें लगी हैं कि कहीं कोई नया खुलासा तो नहीं हो रहा है। या सीएम कमलनाथ के किसी और करीबी के यहां तो छापा नहीं पड़ गया है? ये भी डर है कि कांग्रेस को सपोर्ट करने का बदला निकालने के लिए बीजेपी कहीं उनके यहां ही छापा न पड़वा दे। ये डर का माहौल अभी लोकसभा चुनावों तक बना रहने की संभावना है।