मध्यप्रदेश में मंत्रिमंडल विस्तार की अटकलों के बीच सरकार को समर्थन दे रहे विधायक प्रेशर पॉलिटिक्स में जुट गए हैं। काफी पहले से तीखे तेवर दिखाती आ रहीं बसपा विधायक रामबाई परिहार ने एक बार फिर उन्हें मंत्री नहीं बनाए जाने पर समर्थन वापसी की धमकी दी है। रामबाई का कहना है कि सभी को खुश रखना कांग्रेस की अल्पमत सरकार की मजबूरी है।
वीओ- वहीं बुरहानपुर में कांग्रेस से बगावत करके निर्दलीय चुनाव जीते सुरेंद्र सिंह शेरा का कहना है कि कांग्रेस की सरकार उनके भरोसे चल रही है। सुरेंद्र सिंह खंडवा लोकसभा के लिए अपनी पत्नी के लिए कांग्रेस का टिकट चाह रहे हैं और इसको लेकर सरकार पर दबाव बनाने में जुटे हैं।
वीओ- मध्यप्रदेश में बहुमत से 4 वोट दूर रही कांग्रेस ने सपा, बसपा और निर्दलीय विधायकों के समर्थन से सरकार तो बना ली लेकिन पुराने कांग्रेसी प्रदीप जायसवाल को छोड़कर किसी भी बाहरी विधायक को मंत्री नहीं बनाया। अब ये विधायक मंत्री बनाए जाने को लेकर सरकार पर दबाव बना रहे हैं। अब देखना है कि मंत्रिमंडल विस्तार में क्या इनमें से किसी को मंत्री बनाया जाता है या ये विधायक समर्थन वापस लेकर सरकार को मुश्किल में डाल सकते हैं।