अबकी बार 75 पार. हरियाणा में जीत का ये मंत्र देने वाली बीजेपी की मुश्किल यहां बढ़ सकती है. क्योंकि बीजेपी का गेमप्लान बिगाड़ने की तैयारी कर ली है बसपा सुप्रीमो मायावती ने. पिछले विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने यहां इतिहास बदल कर रख दिया था. 90 में से 47 सीट जीत कर बीजेपी हरियाणा की सबसे बड़ी पार्टी बनी. 19 सीटों के साथ आईएनएलडी दूसरी बड़ी पार्टी बनी और कांग्रेस को मिली 15 सीटें. 2014 के चुनाव में बीजेपी की जीत में दलित सीटों का बड़ा योगदान माना जा रहा है. हरियाणा में 17 सीटें एससी, एसटी, दलितों के नाम है. जिनमें से दस बीजेपी के खाते में गईं. इस बार बीजेपी पूरी रिजर्व सीटों पर जीत हासिल करना चाहती है. यानि दलितों और आरक्षित वर्ग के सहारे जीते के आंकड़े को बढाने की कोशिश है. लेकिन मायावती भी कम नहीं है. बीजेपी का खेल बिगाड़ने के लिए मायावती ने अब नया दांव खेला है. पहले तो अलग अलग पार्टियों के साथ अलायंस की कोशिश की. लेकिन जब बात नहीं बनी तो अब मैडमजी का हाथी चुनावी मैदान में अकेले ही गरजने को तैयार है. नतीजा क्या होगा ये तो सब जानते हैं, पर ये भी तय है कि 75 पार के नारे के कुछ अंक तो कम हो ही सकते हैं. न्यूज लाइव एमपी डेस्क.