मध्यप्रदेश में शिवराज सरकार के मंत्रिमंडल का ऐलान हुआ और इधर कांग्रेस में कमलनाथ ने भी अपनी रणनीति बदल ली है.मध्यप्रदेश की जिन चौबीस सीटों पर उपचुनाव होना है उसमें सबसे मुश्किल फैसला मेहगांव का ही नजर आ रहा है. इस सीट पर पूरे दस साल बाद कांग्रेस का खाता खुला था. लेकिन सत्ता में आने के तेरह महीने बाद ही यहां से जीते विधायक ओपीएस भदौरिया कांग्रेस छोड़ बीजेपी में चले गए. और अब ओपीएस भदौरिया को बतौर राज्यमंत्री ही सही लेकिन मंत्री बनने का मौका तो मिल ही गया है. लिहाजा यहां कांग्रेस के लिए फाइट और टफ हो गई है. वैसे तो उपचुनाव प्रदेश की चौबीस सीटों पर होना है लेकिन एक मेहगांव सीट पर बीजेपी के कई नेताओं की नजर टिकी है. अजय सिंह पहले ही यहां से दावेदारी जता चुके हैं. और पहले कांग्रेस से बागी हुए चौधरी राकेश सिंह फिर इस सीट पर नजर गढ़ाए बैठे हैं. इस खींचतान के बीच कमलनाथ ने बड़ा फैसला लिया है. कमलनाथ ने फैसला किया है कि अब वो खुद मेहगांव सीट से चुनाव लड़ेंगे. कांग्रेस में ऐसी खबरें जोरों पर है कि खुद कमलनाथ मेहगांव से चुनाव लड़ कर पार्टी के अंदर चल रही हर खींचतान को खत्म कर देना चाहते हैं. वैसे भी अब राज्यमंत्री बनने के बाद भदौरिया की ताकत दुगनी हो गई है. लिहाजा उन्हें मात देने के लिए कांग्रेस को यहां एक दमदार प्रत्याशी की जरूरत हो. जो कमलाथ से बेहतर भला कौन हो सकता है.
#mehgaonvidhansabhaseat #opsbhadoriya #kamalnath #upchunav2020 #byelection2020 #scindiasamarthak #shivrajcabinet