निमाड़ उत्सव का दूसरा दिन रहा रंगारंग
निमाड़ उत्सव के दूसरे दिन महेश्वर के मां अहिल्या घाट पर 8 राज्यों की जनजातीय संस्कृतियों की झलक देखने को मिली। नृत्य संगीत का अनोखा मेल देखकर महेश्वर और दूरदूर से पहुंचे दर्शक झूम-झूम उठे। शुरुआत लोक गायक बाबुलाल परिहार और उनके दल के निमाड़ी गायन के हुई। निमाड़ी गीत संगीत की मनमोहक प्रस्तुतियो ने […]










