बड़े गौर से सुन रहा था ज़माना, हमीं सो गए दास्तां कहते कहते
मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल गौर का निधन राजनीति के एक ऐसे युग का अंत है जिसमें मूल्यों और सिद्धांतों के साथ समझौता नहीं किया जाता था। तमाम विरोधाभासों के बावजूद बाबूलाल गौर ने बीजेपी का दामन नहीं छोड़ा। हालांकि आखिरी के कुछ दिनों में टिकट कटने के बाद ये अटकलें लगाई जा रही थीं […]







