मध्यप्रदेश में बीजेपी की सत्ता जाने के पीछे शिवराज सिंह चौहान से सवर्ण समाज की नाराजगी को भी एक कारण बताया जाता है। सपाक्स के बैनर तले सामान्य, ओबीसी और अल्पसंख्यक वर्ग के लोगों ने एक बड़ा आंदोलन किया था। शिवराज के एक बयान के बाद इन लोगों ने खुद को माई का लाल बताते हुए सड़क पर उतरकर तो आंदोलन किया ही, चुनाव में अपने उम्मीदवार खड़े करके बीजेपी को नुकसान पहुंचाने की भी कोशिश की। अब यही माई के लाल सीएम कमलनाथ से नाराज नजर आ रहे हैं। सामान्य, पिछड़ा वर्ग और अल्पसंख्यक अधिकारी कर्मचारी संघ यानी सपाक्स से जुड़े लोगों का आरोप है कि सीएम कमलनाथ पूर्व सीएम शिवराज के नक्शे कदम पर चल रहे हैं। हाल ही में कमलनाथ अनुसूचित जाति-जनजाती वर्ग के अधिकारी कर्मचारियों के संगठन अजाक्स के कार्यक्रम में शामिल हुए थे और प्रमोशन में आरक्षण लागू करने का वादा किया था। इसी बात को लेकर सपाक्स ने सीएम के खिलाफ निंदा प्रस्ताव भी पारित किया है। सपाक्स ने इसके खिलाफ सड़क पर उतरकर आंदोलन करने और प्रदेश व्यापी बंद करने की भी चेतावनी दी है।