जिनके समर्थन से MP में कांग्रेस सरकार की सरकार बनी अब वही विधायक सरकार के रवैये से दुखी हैं। रामबाई परिहार, हीरालाल अलावा के अलावा इस कड़ी में बुरहानपुर के विधायक सुरेंद्र सिंह शेरा भैया का नाम भी जुड़ गया है। विधानसभा की कार्रवाई में शामिल होने आए सुरेंद्र सिंह का दर्द पत्रकारों के सामने छलक पड़ा। शेरा ने खुद की तुलना उस घोड़े से कर दी जिसके आगे गाजर बांध कर उसे दौड़ाया जाता है। कांग्रेस से बगावत करके निर्दलीय चुनाव जीते सुरेंद्र सिंह शेरा को न तो पार्टी में तवज्जो दी जा रही है और न ही मंत्री बनाया जा रहा है। सुरेंद्र सिंह को मलाल है कि उनकी कोई सुनने वाला नहीं है, राहुल गांधी से दो महीने से मिलने के लिए समय मांग रहे हैं तो राहुल समय नहीं दे रहे हैं और तो और बाकी के कैबिनेट मंत्री मिलते समय उन्हें चिढ़ाने के लिए मंत्री जी का संबोधन देते हैं जिससे शेरा भैया के घाव हरे हो जाते हैं। आप भी उन्हीं के मुंह से सुनिए उनका दर्द