मध्यप्रदेश में इस बात पर बवाल मच रहा है कि एक ही लायसेंस पर शराब की उपदुकान खोली जा सकेगी. यानि ज्यादा दुकानें, ज्यादा शराबी. पर देखिए राजस्थान में गहलोत सरकार तो इन सुरा प्रेमियों की दुश्मन ही बनने पर अमादा हो रही है. दोनों ही प्रदेशों में कांग्रेस की सरकार. पर सोच में इतना अंतर है कि राजस्थान सरकार ने गली गली में खुलने वाली शराब दुकान और बार्स पर सख्त रूख अख्तियार कर लिया है. मुख्यमंत्री का कहना है कि लोगों के बेहतर स्वास्थ्य और युवा पीढ़ी को मादक पदार्थों से दूर रखने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है. इस दिशा में रात आठ बजे शराब की दुकानों को बंद करने, ई-सिगरेट पर प्रतिबंध और हुक्का बार पर रोक जैसे सख्त निर्णय किए गए हैं. साथ ही तीस फीट के रास्तों पर बने बार के लायसेंस भी निरस्त किए जाएंगे. यानि शराबियों की तो आफत ही हो गई.