महिलाओं का मायका प्रेम किसी से छिपा नहीं है। लेकिन बात-बात पर मायके चली जाउंगी की धमकी देने वाली महिलाएं जब शपथ लेने लगें कि मैं मायके नहीं जाउंगी तो बात कुछ ज्यादा ही गंभीर नजर आती है। और उस पर भी जब भारत की लोकसभा अध्यक्ष महिलाओं को शपथ दिलाने लगें कि इस बार गर्मी की छुट्टियों में मायके नहीं जाउंगी, मायके क्या कहीं घूमने भी नहीं जाउंगी तो फिर तो लगता है कि बात कुछ ज्यादा ही सीरियस है। तो भैया खोजबीन करने पर ये पता चला कि इन महिलाओं ने मोदीजी को जिताने की कसम खाई है। अब इस साल गर्मी की छुट्टियों में लोकसभा चुनाव हैं। और अगर महिलाएं मायके चली गईं तो उनका वोट बेकार चला जाएगा तो ताई यानी सुमित्रा महाजन और बीजेपी की महिला मंडल की सदस्यों ने खुद भी कसम खाई और दूसरी समान विचार धारा वाली महिलाओं को भी शपथ दिलवाई कि इस बार गर्मी की छुट्टियों में मायके या घूमने जाने के बजाय मोदी जी को जिताने के लिए काम करेंगी और वोट जरूर डालेंगी। तो इन महिलाओं के लिए मायके से भी बढ़कर मोदी जी हैं। ठीक है उनका अपना संकल्प है लेकिन इस चक्कर में बेचारे पतियों की आजादी तो छिन गई न। साल में कम से कम एक बार गर्मियों की छुट्टियों में तो पत्नियां मायके जाती हैं और पति बेचारे आजादी की सांस ले पाते हैं लेकिन इस बार पत्नियों ने शपथ लेकर पतियों की आजादी पर डाका डाल दिया है। कहीं ऐसा न हो कि इंदौर में पति अपना मोर्चा निकालने लगें और नारे लगाने लगें हमे चाहिए आजादी।