ग्वालियर चंबल से ये बड़ी खबर है. कांग्रेस से बीजेपी में आए दो सिंधिया समर्थक पहली बार अपने आका ज्योतिरादित्य सिंधिया को धोखा देने वाले हैं. खबर हैं कि ये दो सिंधिया समर्थक नई पार्टी में आने के बाद उपचुनाव नहीं लड़ना चाहते. ये खबर सिंधिया के लिए बड़ा झटका हो सकती है. लेकिन बीजेपी खेमे में इस बात की बेहद खुशी है. दरअसल इस फैसले के पीछे वो सर्वे बताया जा रहा है जिसमें कुछ सिंधिया समर्थक जीतते नजर नहीं आ रहे हैं. साथ ही इन समर्थकों में इस बात की नाराजगी भी बताई जा रही है कि इन्हें मंत्रिमंडल में शामिल नहीं किया जा रहा. इस बात से नाराज दो पूर्व विधायकों ने चुनाव न लड़ कर किसी अन्य लाभ के पद की गुहार लगाई है. अब इस फैसले के बाद सिंधिया अपने समर्थकों के खिलाफ क्या फैसला लेंगे ये तो कहा नहीं जा सकता. पर बीजेपी इस बात से बेहद खुश है. इस खुशी की वजह भी बहुत लाजिम सी है. पहला तो कम से कम दो सीटों पर बीजेपी को अपने पुराने प्रत्याशियों या नेताओं की नाराजगी नहीं झेलनी होगी. दूसरी ये कि ग्वालियर चंबल की दो सीटें सिंधिया के प्रभाव से बाहर निकलकर उनके काबू में आ जाएंगी. अब देखना ये है कि सिंधिया अपने समर्थकों को चुनाव लड़ने के लिए मनाते हैं. या फिर अपनी मर्जी के ही अन्य प्रत्याशी इस सीट से उतारते हैं.
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